विश्व व्यापार संगठन परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य |
विश्व व्यापार संगठन (वर्ल्द ट्रेड ऑर्गनाइजेशन/डब्ल्यूटीओ) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो विश्व व्यापार के लिए नियम बनाता है। इसकी स्थापना 1995 में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनाए गए गैट (GATT) के स्थान पर लाने के लिए की गई थी। वर्तमान समय में इसके 164 सदस्य हैं
संरचना
डब्ल्यूटीओ की मूल संरचना में निम्नलिखित निकाय हैं– मंत्रिस्तरीय सम्मेलन : यह डब्ल्यूटीओ का शासी निकाय हैI यह संगठन की रणनीतिक दिशा तय करने और अपने अधिकार क्षेत्र के तहत समझौतों पर सभी अंतिम निर्णय लेने के लिए जिम्मेदार होता है। इसमें सभी सदस्य देशों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री होते हैं।
डब्ल्यूटीओ के सचिव और महानिदेशक जेनेवा में निवास करते हैं। सचिवालय जिसमें अब केवल 551 लोग काम करते हैं और संगठन के सभी पहलुओं के संचालन का प्रशासनिक कार्य संभालते हैं। सचिवालय के पास कानूनी निर्णय लेने की कोई शक्ति नहीं है लेकिन ऐसा करने वालों को यह महत्वपूर्ण सेवाएं और परामर्श प्रदान करता है।
वस्तुओं एवं सेवाओं में व्यापार पर परिषद : यह वस्तुओं ( कपड़ा और कृषि जैसे) और सेवाओं में व्यापार पर हुए आम एवं विशेष समझौतों के विवरणों की समीक्षा के लिए तंत्र प्रदान करते हैं। यह जनरल काउंसिल के जनादेश के तहत काम करती है। इसमें सभी सदस्य देश शामिल रहते हैं।
सामान्य काउंसिल : व्यवहार में, ज्यादातर मामलों के लिए यह डब्ल्यूटीओ का फैसला करने वाला मुख्य अंग है। इसमें सभी सदस्य देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधि (सामान्यतः पर राजदूत स्तर के) होते हैं। यह डब्ल्यूटीओ के प्रतिदिन के कारोबार और प्रबंधन की देखरेख के लिए जिम्मेदार होता है। नीचे वर्णित निकायों में से कई सीधे सामान्य काउंसिल को रिपोर्ट करते हैं।
विवाद निपटान निकाय : जिन देशों के बीच व्यापार सम्बन्धी कोई विवाद होता है तो वे इसी निकाय के सामने अपील कर न्याय मांगते हैं I यह सभी डब्ल्यूटीओ समझौतों के लिए विवाद समाधान प्रक्रिया के कार्यान्वयन और प्रभावशीलता एवं डब्ल्यूटीओ विवादों पर दिए गए फैसलों के कार्यान्वयन की देखरेख करता है। इसमें भी डब्ल्यूडीओ के सभी सदस्य होते हैं।
व्यापार नीति समीक्षा निकाय : यह उरुग्वे राउंड के बाद बने व्यापार नीति समीक्षा तंत्र की देखरख करता है। यह सभी सदस्य देशों की व्यापार नीतियों की आवधिक समीक्षा करता है। इसमें भी डब्ल्यूटीओ के सभी सदस्य होते हैं।
https://impforupscexam.blogspot.com/2019/06/world-trade-organisation-wto.htmlविश्व व्यापार संगठन के उद्देश्य और कार्य
यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विदेशी कंपनियों, निवेशकों और सरकारों के लिए व्यापार बाधाओं को मनमाने ढंग से नहीं बढाया जाय। स्थिरता एवं पूर्वानुमेयता के साथ निवेश प्रोत्साहित होता है, रोजगार के अवसर बनते हैं और उपभोक्ता प्रतिस्पर्धा का पूरी तरह से लाभ – पसंद और कम कीमत, उठा सकते हैं।
डब्ल्यूटीओ के समझौते सदस्यों को न सिर्फ पर्यावरण बल्कि जन स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य एवं ग्रह के स्वास्थ्य के सरंक्षण के उपाय करने की अनुमति देते हैं। हालांकि, ये उपाय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापार दोनों ही पर एक ही तरीके से लागू किए जाने चाहिए।
'अनुचित' प्रथाओं को हतोत्साहित करना ; जैसे बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए निर्यात सब्सिडियों और डंपिंग उत्पादों की लागत कम करन देना।
किसी देश को अपने व्यापार भागीदारों के बीच भेदभाव नहीं करना चाहिए और इसे अपने और विदेशी उत्पादों, सेवाओं और नागरिकों के बीच भी भेदभाव नहीं करना चाहिए।
व्यापार को प्रोत्साहित करने के सबसे स्पष्ट तरीकों में से एक है व्यापार बाधाओं को कम करना। सीमा शुल्क ( या टैरिफ) और आयात प्रतिबंध या कोटा, एंटी डंपिंग शुल्क आदि इन बाधाओं में शामिल हैं।
कार्यान्वयन और निगरानी : डब्ल्यूटीओ समझौते के तहत सरकारों को लागू कानूनों एवं अपनाए गए उपायों के बारे में डब्ल्यूटीओ को सूचित कर अपनी व्यापार नीतियों को पारदर्शी बनाने की आवश्यकता होती है। डब्ल्यूटीओ के कई परिषद और समितियां इस बात को सुनिश्चित करती हैं कि नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं और डब्ल्यूटीओ के समझौतों का कार्यान्वयन उचित तरीके से हो रहा है या नहीं। समय–समय पर डब्ल्यूटीओ के सभी सदस्यों की व्यापार नीतियों और प्रथाओं की समीक्षा की जाती है। प्रत्येक समीक्षा में संबंधित देश और डब्ल्यूटीओ सचिवालय द्वारा दी गई रिपोर्ट होती है।
विवादों का निपटारा : यदि किसी देश या किन्हीं देशों को लगता है कि समझौते के तहत उनके अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है तो वे उस विवाद को डब्ल्यूटीओ में ले जाते हैं। विशेष रूप से नियुक्त किए गए स्वतंत्र विशेषज्ञों द्वारा किए गए फैसले, समझौते की व्याख्याएं, और अलग–अलग देशों की प्रतिबद्धताओं पर आधारित होते हैं।
व्यापार क्षमता का निर्माण : डब्ल्यूटीओ के समझौतों में विकासशील देशों के लिए विशेष प्रावधान हैं। इसमें समझौतों और प्रतिबद्धताओं को लागू करने के लिए अधिक समय, उनके व्यापार अवसरों को बढ़ाने के लिए उपाय और उनके व्यापार क्षमता के निर्माण, विवादों से निपटने और तकनीकी मानकों को लागू करने में मदद करने के लिए समर्थन देना शामिल हैं। डब्ल्यूटीओ प्रतिवर्ष विकासशील देशों के लिए तकनीकी सहायता मिशनों का आयोजन करता है। साथ ही यह सरकारी अधिकारियों के लिए जेनेवा में हर वर्ष कई पाठ्यक्रम भी आयोजित करता है। विकासशील देशों को उनके व्यापार में विस्तार के लिए जरूरी कौशल एवं संरचनात्मक ढांचे के विकास हेतु व्यापार के लिए सहायता प्रदान करता है।
आउटरीच : डब्ल्यूटीओ सहयोग को बढ़ाने एवं संस्था की गतिविधियों के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए गैर–सरकारी संगठनों, सांसदों, अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों, मीडिया और आम जनता से डब्ल्यूटीओ के अलग–अलग पहलुओं एवं चालू दोहा वार्ता पर नियमित तौर पर बातचीत करता है।
व्यापार वार्ता : डब्ल्यूटीओ समझौते वस्तुओं, सेवाओं और बौद्धिक संपदा को कवर करते हैं। यह उदारीकरण के सिद्धान्तों और अनुमित अपवादों की व्याख्या करते हैं। इसमें व्यक्तिगत देशों की कम सीमा शुल्क टैरिफ और अन्य व्यापार बाधाओं के प्रति प्रतिबद्धता एवं सेवा बाजार को खोलने एवं उसे खुला रखना शामिल है। विवादों के निपटान के लिए ये प्रक्रियाओं का निर्धारण करते हैं। ये समझौते स्थायी नहीं होते, समय–समय पर इन पर फिर से बातचीत की जाती है औऱ पैकेज में नए समझौते जोड़े जा सकते हैं। नवंबर २००१ में दोहा (कतर) में डब्ल्यूटीओ के व्यापार मंत्रियों द्वारा शुरु किए गए दोहा विकास एजेंडा, के तहत अब कई समझौते किए जा चुके हैं ।
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